आजकल के अन हेल्थी लाइफस्टाइल एवं कुछ भी उल्टा पुल्टा फास्ट फूड का ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर बच्चों एवं बड़ों दोनों में कब्ज की समस्या काफी सामान्य सी हो गई है। यह समस्या ऐसी है कि अगर इसका सही समय पर उपचार न किया जाए तो इससे हमारे शरीर को काफी परेशानियां और अन्य बीमारियां भी हो सकती है।


आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे की constipation in Hindi या कब्ज क्या है, कब्ज होने से शरीर में कौन - कौन से side effects हो सकते हैं तथा इसके घरेलू उपचार क्या है जिससे कि कब्ज पूरी तरह से ठीक हो सके।


कब्ज़ क्या है (What is constipation in Hindi)

कब्ज को यदि हम आसान भाषा में समझे तो इसका मतलब यह है कि - यदि आप आसानी से मल त्याग नहीं कर पा रहे हैं या फिर मल त्यागने के दौरान आपको काफी जोर लगाना पड़ रहा है, जिससे कि आपका पेट अच्छे से साफ नहीं हो पाता या फिर मल का आकार इतना सख्त हो जाता है, जिससे कि मल आं रह जाता है। इसे ही कब्जे कहते हैं। यदि इस तरह की समस्या है तो, यह जान लीजिए  कब्ज से ग्रसित हैं।


Constipation in hindi



कब्ज जैसी प्रॉब्लम का अधिक बढ़ जाना, हमेशा 2 - 3  के बाद ही शरीर से मल बाहर आता है तथा बाकी समय यह आंत में ही चिपका रहता है, जिससे कि पेट एवं आंत में हमेशा पीड़ा बनी रहती है,  हमेशा सर दर्द देते रहता है एवं हमारा मन किसी चीज में नहीं लग पाता। 


यदि आपके साथ भी कुछ इस तरह की समस्याएं हैं, तो आप बिल्कुल भी चिंता मत करिए क्योंकि आगे इस पोस्ट में, मैं आप सभी को बताऊंगा कि कौन-कौन से ऐसे घरेलू नुस्खे हैं एवं कौन-कौन से ऐसे फूड हैं, जिसका सेवन करके आप कब्ज की समस्या से निजात पा सकते हैं।


कब्ज के लक्षण एवं इसके होने के कारण पढ़ने के लिए पोस्ट को आगे पढ़ते रहें।


कब्ज़ होने के कारण (Reasons for constipation in Hindi)

Constipation in hindi या कब्ज होने के ऐसे कौन कौन से कारण है जो हमारे अनहेल्दी आदतों में शामिल है, जिसे हम रोजाना नजरअंदाज कर देते है और आगे चलकर वही सारी गलतियां हमारे शरीर में कब्ज होने का कारण बन जाती है। 

Constipation in hindi


आइए जानते हैं  कब्ज होने के कारण :


फास्ट फूड का अधिक मात्रा में सेवन :

आजकल मार्केट में उपलब्ध तरह-तरह के फास्ट फूड हैं, जिसका सेवन लोग अक्सर अधिक मात्रा में कर रहे हैं। इन फास्ट फूड को बनाए जाने में अक्सर मैदा, चीनी एवं काफी मात्रा में रिफाइंड ऑयल का प्रयोग किया जाता है, जो कि हमारे शरीर के पाचन तंत्र को खराब कर देते हैं। 


इन सब चीजों का अधिक मात्रा में सेवन करने पर हमारे शरीर को इन खाद्य पदार्थों को पचाने में काफी ज्यादा दिक्कतें होती है, जिसके चलते यह सही से डाइजेस्ट नहीं पाता और कब्ज होने का कारण बन जाता है। इसलिए इन सब चीजों का सेवन करना बंद करें एवं घर का साफ सुथरा खाने का ही सेवन करें।


अधिक स्ट्रेस (stress) लेना :

हर समय stress में रहना भी शरीर के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है एवं इससे भी शरीर में तरह-तरह के प्रॉब्लम्स होना शुरू हो जाते हैं, जैसे कि - मानसिक प्रॉब्लम , हेयर फॉल की समस्या और कब्ज की समस्या। इसलिए Over thinking एवं stress जैसी प्रॉब्लमस को खुद पर हावी होने ना दें। हमेशा खुश रहने की कोशिश करें तथा अच्छी डायट को फॉलो करें।


फाइबर (Fibre) का सेवन न करना :

अपने भोजन में फाइबर को शामिल ना करना कभी-कभार कब्ज होने का समस्या हो सकता है। अपने खाने में हरी सब्जियां को सलाद के रूप में अवश्य शामिल करें, क्योंकि फाइबर का नियमित मात्रा में सेवन ही शरीर में पाचन तंत्र क्रिया को improve करने में मदद करता है एवं चेहरा भी glow (चमक) करता है।


अपने खाने में हरी सब्जियां को सलाद के रूप में अवश्य शामिल करें, क्योंकि फाइबर का नियमित मात्रा में सेवन ही शरीर में पाचन तंत्र क्रिया को improve करने में मदद करता है। जिसके कारण ही भोजन अच्छे से डाइजेस्ट हो पाता है।


दवाइयों का अधिक सेवन करना :

यदि आप लंबे समय से ही किसी तरह की दवाइयां का सेवन कर रहे हैं या छोटी-छोटी हेल्थ प्रॉब्लम जैसे - सर दर्द, पेट दर्द होने पर तुरंत कोई ना कोई दवाई लेने की आदत है तब भी इस तरह के परिस्थिति में कब्ज होने की शिकायत अक्सर होते है। 


ध्यान रहे कि दवाइयों का सेवन कम से कम मात्रा में करें यानी कि जब उसकी बहुत ज्यादा जरूरत तो ही उसे लें। सर दर्द, पेट दर्द या शरीर के किसी भी छोटी मोटी दर्द के लिए घरेलू नुस्खे का प्रयोग करें। अन्यथा कब्ज या अन्य तरह की हेल्थ प्रॉब्लम शुरुआत हो सकती है। 


पानी कम पीना :

आजकल लोग अपने काम में इतना व्यस्त हो चुके हैं कि उनके पास पानी पीने तक का समय नहीं है। यदि आप नियमित हिसाब से जितने पानी की आवश्यकता है आपके शरीर को है, उतना नहीं पिएंगे तो। इससे इसका सीधा प्रभाव हमारे डाइजेशन सिस्टम पर पड़ेगा जिसके फलस्वरूप कब्ज या कॉन्स्टिपेशन जैसी प्रॉब्लम अवश्य होगी 


इसलिए पानी दिन भर में कम से कम 3 - 4 लीटर तक अवश्य पिएं, जिससे कि भोजन भी अच्छे से पच जाए तथा कब्ज की भी कोई शिकायत न रहे।


एक्सरसाइज न करना :

यदि आप पूरे दिन में थोड़ा समय भी एक्सरसाइज नहीं करते और सिर्फ बैठ कर व आलस से ही पूरा दिन गुजार देते हैं तो भी कहीं ना कहीं यह कब्ज की समस्या को बढ़ाने में जिम्मेदार है। एक्सरसाइज न करने पर शरीर के हर पार्ट्स उतने एक्टिव व तेज़ी तरीके से काम नहीं कर पाते।


यदि आपके पास जिम जाकर एक्सरसाइज करने जितना टाइम नहीं है तो भी आप घर पर ही कम से कम 20 मिनट तक वाकिंग या रनिंग जैसे कार्डियो एक्सरसाइज तो कर ही सकते हैं। रोजाना एक्सरसाइज करें व मस्त रहें।


अपने दिनचर्या (Routine) को बदलते रहना :

यदि आप अपने दिनचर्या को हमेशा बदलते रहते हैं। इसे समझने के लिए हम एक उदाहरण लेते हैं जैसा कि - यदि आपने रात में लंबे समय तक जाते हैं और सुबह देर तक सोते रहते हैं तो इससे शरीर के समय पर काम करने की व्यस्ता बिगड़ जाती है जिस कारण से समय पर में मल त्याग नहीं हो पाता और यही कारण बनता है कब्ज होने का।


अपने दिनचर्या को हमेशा एक जैसा ही रखें। हर काम को करने के लिए शेड्यूल बनाये तथा उसी शेड्यूल को हर दिन फॉलो करते रहें, जिससे आपका शरीर भी एक उचित समय पर अपना क्रिया करते रहेगा ।


दुग्ध उत्पादों का अधिक सेवन करना :

दुग्ध उत्पादों का अधिक सेवन करने पर हमारे शरीर को इसे पचाने में काफी वक्त लगता है एवं यह आसानी से जल्दी पचता भी नहीं है। इसी कारण से डाइजेशन के प्रॉब्लम शुरू  होने लगती है और अंत में कब्ज में बदल जाती है।


यदि आप को पहले से ही कोई डाइजेशन की समस्या है तो दुग्ध उत्पाद का सेवन कम करें और अधिक कब्ज हो तो इसका सेवन कुछ समय के लिए बंद कर दें। व्हे प्रोटीन का सेवन कर रहे हो तो इसके साथ थोड़ी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट एवं फलों के साथ ही इसे लें, ताकि डाइजेशन व गैस की समस्या ना हो।


शराब और सिगरेट का अधिक सेवन :

यदि कितने भी अच्छे व हेल्दी लाइफ़स्टाइल को फॉलो कर रहे हैं, अगर आप सिगरेट व शराब का सेवन अधिक करते हैं तो यह आपके हेल्दी लाइफ़स्टाइल को पूरी तरह से बुरा प्रभाव डाल सकता है। इन सब चीजों का बुरा प्रभाव सीधा इम्यून सिस्टम पर पड़ता है, जिसके कारण डाइजेशन सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है एवं खाद्य पदार्थों को पचाने की क्षमता भी कमजोर पड़ जाती है।


शराब व सिगरेट हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक है, इसलिए इस से दूर रहें। अपने इम्यूनिटी का खास ख्याल रखें, जिससे कि अपने शरीर के स्वास्थ्य को इंप्रूव कर सकें। 


यह थे कुछ constipation in hindi या कब्ज होने के कुछ कारण। यदि आप भी इस तरह की कुछ गलती कर रहे हो तो कब्ज होने के समस्या हो सकती है।

कब्ज होने के ऐसे कौन-कौन से लक्षण है जिससे हम पता लगा सकते हैं कि हमें कब्ज है या नहीं। इसे जानने के लिए पोस्ट को आगे पढ़ते रहें।


कब्ज़ के लक्षण (Constipation Symptoms in hindi)

कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए सबसे पहले यह समझना हुआ कि हमें कब्ज है या नहीं, क्योंकि बहुत बार ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति को कब्ज हुआ रहता है पर उसे पता ही नहीं चल पाता। 


Constipation in hindi


आइए जानते हैं, कब्ज के लक्षण कौन-कौन से हैं।


मल का कठोर व सख्त होना :

मल त्यागने के दौरान मल का आकार इतना सख्त हो जाता है, जिससे कि मल त्यागने में हमें काफी जोर लगाना पड़ता है, जिससे पीड़ा भी काफी अधिक होती है। यदि इस तरह का लक्षण हो तो समझ लीजिए कि आप कब्ज से ग्रसित है।


गैस की समस्या होना :

यदि पूरा दिन गैस या हमेशा बदबूदार डकार की समस्या होते रहती है तो इसका मतलब यह है कि मल त्यागने के दौरान आपका पेट अच्छे से पूरी तरह साफ नहीं हो पाया जिससे इस तरह की समस्याएं हो रही है। कब्जे के चलते ही पूरे दिन गैस की समस्या होती रहती है।


पेट फूलना व दर्द देना : 

कब्ज़ होने के कारण पेट अच्छी तरह से साफ नहीं हो पाता जिसके कारण पेट में दर्द व इसका फूल जाना काफी सामान्य है। साथ ही इस तरह के परिस्थिति में सर में दर्द व भूख न लगने की समस्या भी होने लगती है। 


मल त्यागने के दौरान खून निकलना :

कभी-कभार मल त्यागने के दौरान खून निकलना भी कब्ज होने का सीधा संकेत है। दरअसल इस तरह की स्थिति तब होती है, जब आपका मल काफी सख्त हो जाता है और जब मल त्यागने के दौरान आप जोर लगाते हैं तो उस वक्त सख्त मल के कारण आपके गुदा (anus) के अंदर वाले दीवारें छिल जाती है, जिससे अत्यंत पीड़ा और खून आने की समस्या शुरू होने लगती है। 


यदि इस तरह की समस्या का सही समय पर इलाज न किया जाए तो आगे चलकर यह प्रॉब्लम बवासीर (Piles) में बदल सकती है। इसलिए इन प्रॉब्लम्स को कभी भी नजरअंदाज ना करें।


पेट अच्छे से साफ न होना :

पेट का अच्छे से साफ ना हो पाना कब्जे की समस्या से जुड़ा हुआ है। हमारे खान-पान व गंदी आदतों के चलते ही शरीर के सही तरह से कार्य करने की व्यवस्था बिगड़ जाती है, जिससे डाइजेशन सिस्टम का बुरा असर पड़ता है। इससे कब्ज की समस्या भी होती है।


यह थे कुछ कब्ज के लक्षण, बताए गए इन लक्षणों में से अगर किसी भी तरह की लक्षण आपके शरीर में हो तो, यह समझ लीजिए कि आप कब्ज से ग्रसित हैं।


कब्ज़ के ऐसे कौन कौन से घरेलू उपचार हैं, जिसका प्रयोग करके आप इस तरह की समस्या को पूरी तरह से ठीक कर सकते हैं - इसे जानने के लिए पोस्ट को आगे पढ़ते रहें।


कब्ज उपचार के घरेलू नुस्खे (home remedies for curing constipation in Hindi)

हम आते हैं, हमारे पोस्ट के सबसे main point पर की कौन-कौन से घरेलू असरदार उपाय हैं, जिससे कि हम कब्ज की समस्या का सही ढंग से उपचार कर सके।


Constipation in hindi


फाइबर (fibre) का अधिक सेवन करें:

जिन फूड्स में सबसे अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है, उसे अपने डाइट में अवश्य शामिल करें जैसे कि - हरी सब्जियों वाली सलादों में खीरा, पत्ता गोभी, टमाटर, पालक इत्यादि। फाइबर को अधिक मात्रा में सेवन करने से यह हमारे डाइजेशन को इंप्रूव करता है और कब्ज जैसी बीमारियों से लड़ने में काफी अधिक मदद करता है। 


रोजाना 40 से 50 ग्राम के बीच सलाद का सेवन करना शरीर के लिए अति उत्तम है। इसे चाहे तो खाने के साथ शामिल करें या फिर दिन में किसी भी एक टाइम में सलाद को खा सकते हैं।


पानी को नियमित मात्रा में पीएं:

रोजाना 4 से 5 लीटर पानी को अवश्य पिएं, जिससे की हमारा शरीर hydrated बना रहे। कम पानी पीने से डाइजेशन के समस्या हमेशा ही बनी रहती है और यही कारण बनती है हमारे शरीर में कब्ज होने का। कम पानी पीने से कब्ज होने की समस्या अधिकतर लोगों में ही देखा गया इसलिए इस बात का ध्यान रखें।


पानी पीने को लेकर एक चीज यह भी ध्यान में रखें कि हमेशा खाना खाने से 30 मिनट पहले व खाना खाने के 30 मिनट बाद ही पानी को पिया करें। आयुर्वेदा में इसी को पानी पीने का सही तरीका माना गया है। इस तरह से खाने की digestion अच्छे से हो सकेगी और बाद में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी। 


त्रिफला चूर्ण का सेवन करें:

त्रिफला चूर्ण के बारे में आपने कहीं ना कहीं तो सुना ही होगा। यदि नहीं सुना तो मैं आपको इसके फायदा बताऊंगा। त्रिफला चूर्ण को कब्जे को जल्दी से जल्दी ठीक करने में काफी असरदार माना गया है। इस चूर्ण के नियमित सेवन से यह कितने भी पुरानी कब्ज की समस्या हो, उसे जल्दी से जल्दी ठीक कर देता। यदि आप काफी समय से कब्ज को लेकर परेशान है तो मैं आपको यही सलाह दूंगा कि चूर्ण का सेवन करना शुरू कर दें।


इस चूर्ण को हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच मिलाकर रात्रि में भोजन करने के बाद ले सकते हैं। यह हमेशा ही असरदार साबित होती है।


अश्वगंधा चूर्ण का प्रयोग करें:

अश्वगंधा जो कि एक पावरफुल जड़ी बूटी है तथा जिसे आयुर्वेदा के समय से काफी उपयोग किया जा रहा है। या डाइजेशन से जुड़ी समस्या को ठीक करने में काफी ज्यादा मदद करता है। इसके साथ साथ यहां स्ट्रेस अनिद्रा की समस्या तथा थकान को दूर करने में भी काफी अति उत्तम साबित है।


अश्वगंधा के चूर्ण को हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच मिलाकर रात्रि में भोजन करने के बाद ले सकते हैं। यह बहुत जल्दी तो असर नहीं दिखाता पर हां, यह काफी उपयोगी है।

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ओट्स खाएं:

ओट्स जो कि complex carbohydrates एवं फाइबर का मुख्य स्रोत है। इसका सेवन करने से इसकी सबसे बड़े फायदों में से एक, डाइजेशन से जुड़ी समस्या को ठीक करता है। अधिक फायदे के लिए अपने दिन के नाश्ते में इसे जरूर शामिल करें।


इसे चाहे तो दूध या पानी के साथ cook कर खा सकते हैं। यह दोनों में ही उतना ही फायदेमंद है।

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फलों का सेवन करें:

कब्ज या डाइजेशन की समस्या को ठीक करने के लिए sessional fruits का सेवन करें। इन फलों में केला एक ऐसा फल है, जो digestion को इंप्रूव करता है। केला में पाए जाने वाले कार्ब्स, विटामिन और पोटैसियम पेट की समस्या में उपयोगी है।


हमेशा ठीक ढंग से पके हुए केले का ही सेवन करें ताकि इससे कब्ज में राहत मिल सके। कच्चे केले का सेवन करने से गैस की समस्या हो सकती है।


दालें का सेवन करें:

दालों में मौजूद फाइबर एवं प्रोटीन डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त करता है। ध्यान रहे कि इसे निश्चित मात्रा में एवं ठीक ढंग से पके हुए दाल का ही सेवन करें नहीं तो यह पेट में गैस की समस्या को बढ़ा सकता।


यह थे कुछ ऐसे घरेलू उपचार जो कब्ज जैसी समस्या को तुरंत ठीक करने में काफी असरदार है। बताए गए इन नुस्खों का प्रयोग करें, जिससे आप भी कब्ज की समस्या से निजात पा सकेंगे।


Conclusion:

1. कब्ज की समस्या को कभी भी नजरअंदाज ना करें।

2. यदि इस समस्या को जल्दी से जल्दी ठीक करना चाहते हो तो त्रिफला चूर्ण का प्रयोग करें।

3. रोजाना एक्सरसाइज करें और healthy डायट को फॉलो करें।

4. अपने दिनचर्या में सुधार लाएं, ताकि हेल्थ प्रॉब्लम से खुद को बचा सकें।


यदि आपको मेरी यह पोस्ट Constipation in hindi या कब्ज की घरेलू उपचार, अच्छी लगी तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। यदि कब्जे से जुड़े और कोई समस्या हो तब भी नीचे कमेंट करें। धन्यवाद


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