आजकल के अन्हैल्थी खानपान के वजह से बड़े - बुजुर्गों के साथ साथ बच्चों में भी कैल्शियम का स्तर कम होना काफी सामान्य स्थिति माना जा रहा है। इस तरह की स्थिति हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। वैसे तो यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह स्थिति हर उम्र के लोगों में कभी न कभी तो हो ही जाती है पर यदि इसका उपचार सही समय पर ना किया जाए, तब यह किसी बीमारी का कारण बन सकता है।


ऐसे में इस पोस्ट के माध्यम से मैं आप सभी लोगों को बताऊंगा कि कैल्शियम की कमी क्या है, कैल्शियम की कमी होने के लक्षण कौन-कौन से हैं एवं ऐसी स्थिति में कौन सा खाद्य पदार्थ का सेवन करके आप इसका उपचार आसानी से कर सकेंगे। इस तरह की जानकारी के लिए हमारे पोस्ट को आगे पढ़ते रहें।



कैल्शियम क्या है? (What is Calcium in Hindi?)

कैल्शियम एक तरह का मिनरल है, जो हमारे शरीर के हड्डी एवं दांतों में 99% तक मौजूद होता है एवं बाकी मात्रा मांस पेशी एवं ब्लड सरकुलेशन के प्रोसेस में होता है। यह हमारे शरीर में हड्डियों की स्वास्थ्य एवं उसके विकसित होने में काफी मदद करता है, इसके साथ साथ हाइट बढ़ाने और मांस पेशी के सिकुड़ने और फैलने में एवं ब्लड सरकुलेशन को बेहतर तरीके से कार्य करने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान रहता है। 


calcium ki kami


कैल्शियम नामक मिनरल को हमारा शरीर खुद से प्रोड्यूस नहीं कर सकता है। जिससे हमारे शरीर में कैल्शियम की मात्रा को पूरा करने के लिए हमें उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना होगा, जिनमें कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। 


[नोट : एक स्वस्थ इंसान के शरीर को प्रतिदिन 850 -1100 mg कैल्शियम की जरूरत पड़ती है।]



कैल्शियम की कमी क्या है? (What is Calcium Deficiency in hindi)

कैल्शियम की कमी एक तरह कि स्थिति है, जिसमे शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम न मिलने के कारण अक्सर हड्डियों के स्वास्थ्य में परेशानी के साथ साथ मसल्स एवं ब्लड फ्लो में दिक्कत होने जैसी समस्याएं शुरू होने लगती है। इस तरह की स्थिति को हायपोकैल्समिया (Hypocalcaemia) कहते हैं। इस स्थिति मे इसके कई सारे लक्षण होते हैं, जिसे नजरअंदाज करने पर शरीर में गंभीर बीमारियों के होने की भी संभावना बनी होती है। 


यह एक ऐसी स्थिति है, जो आजकल बूढ़ों के साथ-साथ बच्चों में भी होने लगी है, पर इसमें घबराने की कोई दिक्कत नहीं है। यदि आपके शरीर में इसके शरुआती लक्षण हैं या फिर शरीर में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा कम न हुआ हो तो आप एक अच्छी एवं कैल्शियम से भरे हुए खाध्य पदार्थ को हेल्थी डाइट में शमिल करें। इससे शरीर में कैल्शियम की मात्रा संतुलित रहती है।


पर यदि आपके शरीर में कैल्शियम की मात्रा कमी काफी कम हो गई है तो तुरंत से ही अपना ब्लड चेक करवाएं एवं अपने डॉक्टर से संपर्क करें। कैल्शियम की कमी के लक्षण कौन-कौन से हैं यह जानने के लिए पोस्ट को आगे पढ़ते रहें।



कैल्शियम की कमी के लक्षण (Symptoms of Calcium Deficiency in hindi)

Symptoms of Calcium Deficiency



पूरे दिन के बिजी शेड्यूल में व्यस्त रहने पर पता ही नहीं चल पाता कि शरीर में कैल्शियम की कमी है या फिर नहीं। वैसे तो हमारा शरीर इससे जुड़े कुछ लक्षण किसी संकेत के रूप में देता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं वह कौन-कौन से लक्षण है, जिससे हम समझ सकते हैं कि हमारे शरीर में कैल्शियम की मात्रा की कमियां है:


1. घुटनों में दर्द होना:

घुटनों में दर्द होना बुजुर्गों में काफी सामान्य स्थिति है, पर आजकल के दिनों में बच्चे और बड़ों में भी इस तरह की समस्या अक्सर देखी गई है। यदि चलने फिरने में या फिर सीढ़ियां उतरने चढ़ने में थोड़े समय के अंदर ही घुटनों में तेज दर्द होने लगे तो यह समझ लीजिए कि आपके शरीर को कैल्शियम की जरूरत है। 


2. थकावट महसूस करना: 

यदि आप पूरा - पूरा दिन थकावट महसूस करते हैं या फिर किसी भी काम को करने में काफी आलस होती है और फिर बिना कुछ किया हमेशा खुद को थका हुआ महसूस करते हैं तो हो सकता है कि आपके शरीर में कैल्शियम की मात्रा अच्छे से पूरी नहीं हो पा रही है। 


इस तरह की थकावट की समस्या बच्चों एवं बड़ों में काफी ज्यादा सामान्य हो चुकी है। इसलिए इसका उपचार करें।


3. मांसपेशियों में खिंचाव होना:

मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन होना भी शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाली एक समस्या है। आपने कभी ध्यान दिया हुआ कि अक्सर चलते-चलते अचानक से ही पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन या खिंचाव होने लगती है, जिससे अत्यंत पीड़ा होने लगती है। इसमें पैरों के अलावा भी हाथों और अनेक अंगो मे इस तरह की समस्या हो सकती है।


4. शरीर में दर्द होना:

हमेशा शरीर के अलग-अलग अंगों में दर्द होना भी शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होने का संकेत है। इन दर्दों में हमेशा कमर दर्द, पैर दर्द, पीठ दर्द एवं जांघो में दर्द देना इसके प्रमुख कारण है। इस तरह के दर्द अक्सर हर उम्र के लोगों में देखे गए हैं। यदि आपके शरीर में भी इसी तरह का लक्षण हो तो समझ ले कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है। 


5. पीरियड्स के दौरान अत्यंत पीड़ा होना:

यदि महिलाओं में पीरियड्स के दौरान सामान्य से तेज पीड़ा हो रही है, तो शरीर में कहीं न कहीं कैल्शियम उचित मात्रा में पूर्ण नहीं हो पा रहा है। यदि आपके साथ भी इस तरह का अत्यंत पीड़ा हो रहा हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।


6. बालों का झड़ना : 

बालों का झड़ना युवाओं में काफी गंभीर समस्या हो चुकी है। यह समस्या भी कैल्शियम की कमी के कारण ही होती है। आजकल अक्सर यह देखा गया है कि 17 से 18 वर्ष के बाद से ही युवाओं में हैरफॉल की समस्या शुरू होने लगती है। इस तरह की समस्याएं हो रही हो तो कैल्शियम युक्त चीजो का सेवन करे एवं इसके साथ ही हेल्थी डाइट को भी जरूर फॉलो करें।


Also read -  बालों का झड़ना बंद करें


7. दांतों एवं हड्डियों का कमजोर होना :

दांतों का कमजोर होकर टूटना या फिर इसमें सड़न या खराब होने जैसी समस्या हो तब भी यह इसी की कमी के कारण होती है। यह समस्या छोटे बच्चे से लेकर बड़े लोगों में भी अक्सर देखा गया है। कितनी भी अच्छी तरह से दांतों की देखभाल कर लें, यदि शरीर में कैल्शियम की मात्रा सुचारू ढंग से ना रहे, तो यह समस्या लगातार बनी रहेगी।


इसके साथ साथ ही हड्डियों की बात की जाए तो यदि आपके हड्डियों में दर्द, या फिर जलदी फ्रैक्चर होने जैसी दिक्कतें हैं तो इसका लिंक शरीर में हो रही कैल्शियम की अनिश्चित मात्रा के कारण ही रही है। अक्सर छोटे बच्चों में हाइट का जल्दी न बढ़ना और हड्डियों का विकास अच्छे तरीके से नहीं हो पाती है।


[बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण कुछ इसी तरह से पाए जाते है।]


8. नाखून की स्वास्थ्य खराब होना :

अक्सर आपने देखा होगा कि नाखून के बीच में सफेद दाग होने लगते हैं या फिर नाखून के टूटने जैसी समस्या होने लगती है। यह लक्षण भी कैल्शियम की कमी को दर्शाता है।


9. भूख कम लगना :

पूरे दिन में किसी भी समय अच्छे से भूख ना लगना या फिर कम मात्रा में भोजन के सेवन से पेट भर जाना भी इस कमी को दर्शाता हैं।


10. बेहोशी व कमजोरी का होना :

बेहोशी एवं कमजोरी होने में आजकल काफी सामान्य प्रॉब्लम है यदि आप एक अच्छी डायट को फॉलो नहीं करेंगे तो अक्सर इस तरह की प्रॉब्लम होगी। इसके साथ-साथ शरीर में कैल्शियम की मात्रा भी नहीं पहुंच पाएगी।


11. खून का थक्का न बनना:

खून का थक्का न बनना भी शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने का संकेत है। इसमें शरीर में किसी भी जगह पर चोट लगने पर बहने वाला खून, खुद से जल्दी बंद ना होना खून का थक्का न बनना कहलाता है। इस प्रॉब्लम को नजरंदाज न करें।


12. डिप्रेशन का होना:

डिप्रेशन होने से शरीर का पूरा स्वास्थ्य एवं फंक्शन गड़बड़ हो जाता है, जिससे शरीर में अन्य मिनरल्स एवं विटामिंस की कमी होने लगते हैं। इसके अलावा भी इससे होने वाले कई बीमारियां होती है, इसलिए हमेशा खुश रहें।

यह थे कुछ ऐसे लक्षण जो हमें यह बताता है कि हमारे शरीर में कैल्शियम का स्तर कम है है ज्यादा। 



कैल्शियम की कमी होने के कारण (Reasons of calcium deficiency in hindi)

शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने के पीछे भी कुछ कारण है, आइए जानते हैं-


1. सही मात्रा में कैल्शियम न लेना:

लंबे समय से शरीर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम न लेना ही शरीर में कैल्शियम की कमी होने का कारण बनता है। इसलिए अपने डाइट पर विशेष ध्यान दिया करें।


2. अधिक दवाइयां लेना:

यदि आपकी भी छोटी छोटी प्रोब्लेम्स में दवाइयां लेने की आदत है, तो लंबे समय के बाद ही आपके शरीर में कैल्शियम का स्तर गिरा सकती है। छोटी छोटी प्रोब्लेम्स जैसे कि सिर दर्द, पेट दर्द हो तो दवाएं को इग्नोर करें। 


3. अनहेल्दी लाइफस्टाइल मे रहना:

आपकी भी आदत है सिगरेट और शराब का सेवन करने की या फिर हमेशा जंक फ़ूड जैसे चीज़ों का सेवन करने की तो यह चीजें शरीर के लिए सही नहीं है। यह शरीर में इसके साथ-साथ कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की कमी भी करवा सकता है।


4. हार्मोनल बदलाव:

हार्मोनल बदलाव भी शरीर के लिए सही नहीं है। यदि आप में भी इस तरह की स्थिति हो तो डॉक्टर से सलाह लें।


5. डाइजेशन की समस्या:

डाइजेशन की समस्या में भी शरीर में कैल्शियम का स्तर गिर सकता है। यदि शरीर में अच्छी तरह से डाइजेशन की प्रक्रिया नहीं होगी तो शरीर का फंक्शन अच्छे से कार्य नहीं करेगा और इसे संबंधी समस्या भी होगी जैसे की कब्ज।


Also read -  कब्ज से छुटकारा पाएं 



कैल्शियम की कमी को ठीक करने के उपाय: (Cure of Calcium Deficiency)

Calcium Rich Foods in hindi


कैल्शियम की कमी को ठीक करने के लिए सबसे पहले अपने लाइफस्टाइल एवं खानपान को बदलना बेहद जरूरी है। इसके साथ-साथ विटामिन डी को सही मात्रा में प्रदान करना भी कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है। अक्सर लोग पूछते हैं कि कैल्शियम की कमी में क्या खाएं, तो आइए जानते हैं, इसकी कमी को पूर्ण करने में कौन-कौन सी चीज है महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


1. एक्सरसाइज करें:

रोजाना एक्सरसाइज करने से भी शरीर का फंक्शन अच्छे तरीके से काम करता है पर एक्सरसाइज के साथ-साथ एक अच्छे एवं हेल्थी डाइट को भी फॉलो करें ताकि इस तरह की कोई भी कमी हो तो इन सब की मदद से वह पूर्ण हो सके।


2. विटामिन डी प्राप्त करें:

रोजाना विटामिन डी का सेवन धूप के रूप में अवश्य प्राप्त करें क्योंकि शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ाने के लिए विटामिन डी का पर्याप्त मात्रा में उपस्थित रहना बेहद जरूरी है, या यह समझ लीजिए कि कैल्शियम और विटामिन डी में एक संबंध है जिससे दोनों का शरीर में उचित मात्रा में रहना अत्यधिक अनिवार्य है, ताकि दोनों मिनरल्स की कमी पूरी हो सके।


3. योगा करें

योगा शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर करता है, जिससे शरीर में सारे फंक्शन अच्छे से काम करने लगते हैं। रोजाना कुछ योगा एवं मेडिटेशन भी करें। इससे फायदा मिलेगा।



कैल्शियम सहित खाद्य पदार्थ (Calcium Rich Foods in hindi)

1. डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें:

डेयरी प्रोडक्ट में शामिल जितनी भी चीजें जैसे कि - दूध, दही, पनीर, मक्खन जैसे चीजों में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाई जाती है, जिसके पर्याप्त मात्रा के सेवन से ही शरीर में कैल्शियम का स्तर बेहतर हो जाता है। पर यदि आप lactose intolerance हो तो इन चीज़ों को अवॉइड करें।


2. सब्जियों का सेवन करें: 

सब्जियों में हरि सब्जियों का सेवन जैसे - पालक, ब्रोकली, मुली और इसके अलावा टमाटर एवं सलाद आदि जैसी चीजों को अपनी डाइट में अवश्य शामिल करें। इनमें कैल्शियम के साथ-साथ विटामिंस, मिनरल्स, आयरन एवं कैल्शियम की मात्रा भी भरपूर होती है। 


3. सूखे (Dry Fruits) फल को अवश्य खाएं:

सूखे फलों में काजू, बादाम, अंजीर, खजूर इत्यादि का सेवन अवश्य करें क्योंकि इन में उपस्थित मिनरल्स शरीर में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाता है एवं इनमें पाए जाने वाले हेल्दी फैट्स (Healthy Fats) शरीर के अन्य कमियों को पूरा करने में काफी मददगार है।


4. मल्टी विटामिन टैबलेट्स लें:

यदि शरीर में विटामिन या मिनरल्स की थोड़ी भी कम होती है तो आप मल्टीविटामिंस का सेवन करके सारी कमियों को ठीक कर सकते हैं इसी तरह कैल्शियम की कमी को भी पूरा करने में काफी मदद करता है।


इस बात का ध्यान रखें कि यदि आपके शरीर में कैल्शियम या अन्य मिनरल्स की कमी बहुत ज्यादा कम नहीं हुई है तो एक अच्छी सी डाइट को फॉलो करें, इस तरह की स्थिति में मल्टीविटामिंस को लेने की कोई जरूरत नहीं है। या फिर इसे लेने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


5. फलों को रोज खाएं:

फलों में संतरा, अमरुद, सीताफल, आंवला, केला जैसे फलों में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। इन फलों को रोजाना अपने डाइट में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सेवन करें।


[इन सबके अलावा ओट्स, फ्लैक्सीड, राजमा, अंडे, हर तरह के फल इत्यादि का सेवन अवश्य करें। इसके साथ साथ यह कोशिश करें कि फास्ट फूड और जंक फूड जैसे चीजों को अवार्ड करें। बस छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप भी इसकी कमी को ठीक कर सकते है।]


कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग (Disease Caused by calcium deficiency in hindi)


Disease Caused by calcium deficiency in hindi


1. हायपोकैल्समिया (Hypocalcaemia): 

शरीर में अधिक समय से कैल्शियम का स्तर कम रहने के कारण इस तरह की बीमारी होती है, जिसे हम हायपोकैल्समिया कहते हैं। इस तरह की स्थिति में अपने डॉक्टर से जरूर मिले।


2. रिकेट्स (Rickets):

यह बीमारी खास करके बच्चों में पाई जाती है। इस स्थिति में बच्चों के शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने के कारण उनकी हड्डियां काफी नाजुक व कमजोर हो जाती है। 


3. कैविटी (Cavity):

कैविटी की समस्या भी कैल्शियम का स्तर कम होने के चलते ही होती है। इसमें दांतों में सड़न, खोखलापन या कालापन हो जाने की समस्या होती है।


4. ऑस्टपोरोसिस (Osteoporosis):

यदि शरीर में कैल्शियम की मात्रा काफी कम हो जाता है, तब हमारा शरीर हड्डियों से कैल्शियम को शोखने (absorbs) लग जाता है, इसके कारण उस हड्डी में भी कैल्शियम की कमी होने लगती है, जिससे यह कमजोर हो जाता और जल्दी फ्रैक्चर होने का भी संभावना भी बना रहता है।


कुछ सामान्य सवाल एवं इनके जवाब (FAQ's) 

Q1. कैल्शियम की कमी से क्या दिक्कत होती है?

शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने पर शुरुवाती दिक्कतें हो सकती है, जैसे कि -

घुटनों में दर्द होना

खून का थक्का न बनना

मांसपेशियों में खिंचाव

बालों का झड़ना

भूख कम लगना

नाखून खराब होना


Q2. कैल्शियम की कमी होने पर क्या खाना चाहिए?

शरीर में कैल्शियम का स्तर कम करने के लिए इन चीजों का सेवन करें:

मल्टीविटामिन टैबलेट्स 

ड्राई फ्रूट 

डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, दही, पनीर)

ताज़े फल

हरी सब्जियां


Q3. कैल्शियम की मात्रा रोजाना कितनी होनी चाहिए?

स्वास्थ व्यक्ति को रोजाना 850 - 1100 mg तक कैल्शियम की जरूरत होती है।


Q4. कैल्शियम बढ़ने से क्या होता है?

शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ने पर हड्डियों का कमजोर होना, हार्ट से जुड़ी समस्या और किडनी स्टोन जैसी गंभीर बीमारियों की संभावना हो सकती है।


Q5. कैल्शियम शरीर में क्या काम करता है?

कैल्शियम एक मिनरल है, जो हमारे शरीर में हड्डियों की स्वास्थ्य एवं उसके विकसित होने में काफी मदद करता है, इसके साथ साथ हाइट बढ़ाने और मांस पेशी के सिकुड़ने और फैलने में एवं ब्लड सरकुलेशन को बेहतर तरीके से कार्य करने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान रहता है। 


Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Previous Post Next Post